पाकिस्तान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर झटका लगा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान के साथ प्रस्तावित एयरपोर्ट मैनेजमेंट डील को रद्द कर दिया है।
यह निर्णय ऐसे वक्त में आया है जब कुछ दिन पहले ही यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के दौरे पर थे। हाल ही में शहबाज शरीफ ने भी बोर्ड ऑफ पीस में भाग लिया और डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। ऐसे में अब इस निर्णय को पाकिस्तान के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएई ने पाकिस्तान के एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में रुचि खो देने का हवाला देते हुए इस समझौते को आगे बढ़ाने से मना कर दिया है। यह जानकारी मिली है कि कराची, लाहौर और इस्लामाबाद एयरपोर्टों के संचालन और विकास पर लंबे समय से बातचीत चल रही थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह ठंडा कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई राष्ट्रपति के हालिया भारत दौरे के बाद क्षेत्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। भारत-यूएई के बीच रणनीतिक, आर्थिक और ढांचागत सहयोग लगातार बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव पाकिस्तान पर स्पष्ट है।
आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से पाकिस्तान पहले से विदेशी निवेश हासिल करने में कठिनाई अनुभव कर रहा है। यूएई जैसे करीबी सहयोगी का पीछे हटना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
यूएई, भारत का एक प्रमुख आर्थिक साझेदार है। दोनों देशों के रिश्ते ऊर्जा, ढांचा, रक्षा और निवेश के क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों पर आ पहुंचे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में भारत को इसका सीधा फायदा हो सकता है।
एयरपोर्ट डील के रद्द होने से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि कमजोर होती दिख रही है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि स्थितियां नहीं सुधरीं, तो अन्य विदेशी निवेशक भी पाकिस्तान से दूरी बना सकते
आइए कुछ पॉइंट्स में समझते है यूएई और पाकिस्तान के एयरपोर्ट डील के बारे में
🛫 1. UAE ने प्रस्तावित एयरपोर्ट डील से पीछे हटने की रिपोर्ट्सकुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि UAE ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चलाने या ऑपरेट करने के अपने प्रस्ताव को रद्द कर दिया है। कई समाचारों ने इसे UAE राष्ट्रपति के भारत दौरे के बाद उठे कूटनीतिक बदलावों से जोड़ा है।रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यूएई ने बातचीत में दिलचस्पी खो दी या स्थानीय ऑपरेटिंग पार्टनर न मिलने के कारण परियोजना से हट गया।
2. पाकिस्तान पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रियापाकिस्तान की प्रिवेटाइजेशन कमीशन (Privatisation Commission) ने स्पष्ट किया है कि इस्लामाबाद एयरपोर्ट के लिए कोई औपचारिक समझौता या लीज़ एग्रीमेंट UAE के साथ कभी साइन नहीं हुआ था। इसलिए “डील रद्द” जैसा बयान ग़लत और भ्रामक है, क्योंकि कोई फाइनल डील पहले से ही अस्तित्व में नहीं थी।
🌍 3. पृष्ठभूमि और भू-राजनीतिक संदर्भबातचीत अगस्त 2025 में शुरू हुई थी, जिसमें पाकिस्तान ने G2G (सरकार-से-सरकार) तरीका अपनाया, लेकिन UAE की तरफ़ से ऑपरेटिंग पार्टनर न चुन पाने और अन्य खाड़ी-क्षेत्र रणनीतिक बदलावों के कारण ये बात आगे नहीं बढ़ पाई।